शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012

एक ही ”विष्वषास्त्र“ साहित्य के विभिन्न नाम


एक ही ”विष्वषास्त्र“ साहित्य के विभिन्न नाम


धर्म क्षेत्र से नाम 


01.कर्मवेद
02.षब्दवेद
03.सत्यवेद
04.सूक्ष्मवेद
05.दृष्यवेद
06.पूर्णवेद
07.अघोरवेद
08.विष्ववेद    
09.ऋृशिवेद
10.मूलवेद
11.षिववेद
12.आत्मवेद
13.अन्तवेद
14.जनवेद
15.स्ववेद
16.लोकवेद              
17. कल्किवेद
18.धर्मवेद
19.व्यासवेद
20.सार्वभौमवेद
21.ईषवेद
22.ध्यानवेद
23.प्रेमवेद
24.योगवेद  
25.स्वरवेद
26.वाणीवेद
27.ज्ञानवेद
28.युगवेद
29.स्वर्णयुगवेद
30.समर्पणवेद
31.उपासनावेद
32. षववेद
33.मैंवेद
34.अहंवेद
35.तमवेद
36.सत्वेद
37.रजवेद
38.कालवेद
39.कालावेद
40.कालीवेद              
41.षक्तिवेद
42.षून्यवेद
43.यथार्थवेद
44.कृश्णवेद सभी प्रथम, अन्तिम तथा पंचम वेद
45.कर्मोपनिशद् - अन्तिम उपनिशद्
46.कर्म वेदान्त
47.धर्मयुक्त धर्म षास्त्र
48.ईष्वर
49.ईष्वर का संक्षिप्त इतिहास      
50.ईष्वर-षास्त्र
51. पुनर्जन्म
52.श्री लवकुषःपूर्ण प्रेरक अन्तिम कल्कि अवतार
53. भोगेष्वरःयोगेष्वर समाहित
54.पूर्णदृष्य-मैं
55.बहुरूप में एक
56. ईष्वर का मस्तिश्क
57.सत्य-षिव-सुन्दर
58.विष्वभारतःसार्वजनिक प्रमाणित महाभारत
59.विष्व-पुराण
60.विष्व-धर्मःसर्वधर्म समाहित
61.विष्व-कलाःकृश्ण-कला समाहित          
62.विष्व-गुरू
63.विष्व भक्ति
64.सत्य-पुराण
65.सत्य-धर्म
66.सत्य-कलाःकृश्ण-कला समाहित            
67.सत्य-गुरू
68.सत्य भक्ति
69.सत्यकाषीःपंचम, सप्तम और अन्तिम काषी
70.द्वारिकाःस्वर्णयुग का प्रवेष द्वार
71.कृश्ण निर्माण योजना
72.धारा और राधा
73.षिवद्वारःषिवयुग का प्रवेष द्वार
74. जीव का षिव में निर्माण
75.सत्व-रज-तम: राम-कृश्ण-लवकुष
76. लवकुषःसेतू या से तू
77.भोग मायाःयोग माया समाहित
78.मैं हूँ तैतीस करोड़
79.अर्धनारीष्वर
80. काल-काली-काला
81. सृश्टि-स्थिति-प्रलय और सृश्टि      
82.पषुपास्त्रःब्रह्मास्त्र व नारायणास्त्र समाहित
83.पुराण पुरूशः सर्वोच्च व अन्तिम
84.पुराणःसर्वोच्च व अन्तिम
85.धर्मःसर्वोच्च व अन्तिम
86.आत्माःसर्वोच्च व अन्तिम
87.गुरूःसर्वोच्च व अन्तिम
88.महायज्ञःसर्वोच्च व अन्तिम
89.तीसरा नेत्र


धर्मनिरपेक्ष व सर्वधर्मसमभाव क्षेत्र से नाम 


1.मार्ग
2.बुद्धि
3.अहंकार
4.व्यापार
5.महत्वाकांक्षा
6.युग पुरूश
7.षंखनाद
8.उपासना
9.योग
10.मानक
11.एजेण्डा
12.कला
13.ध्यान
14.समर्पण
15.लीला
16.समन्वयाचार्य
17.दर्पण
18.मन
19.षिक्षा
20.रूप
21.विष्वमानव
22.बुद्धि
23.चेतना
24.प्रकाष
25.दृश्टि
26.मार्ग
27.राजनीति
28.एकता
29.षान्ति
30.सेवा
31.भक्ति
32.बन्धुत्व
33.जातिवाद
34.अहंकार
35.दर्षन, सभी सर्वोच्च व अन्तिम                  
36.विकास-दर्षन
37.विनाष-दर्षन
38.एकात्मकर्मवाद
39.मस्तिश्क परावर्तक (ब्रेन टर्मिनेटर)
40.धर्मनिरपेक्ष धर्म षास्त्र
41.लोकतंत्र धर्म षास्त्र
42. लोक-षास्त्र
43.जन-षास्त्र
44.स्व-षास्त्र
45.लोक नायक षास्त्र
46. यथार्थ-प्रकाष
47.लोक/जन/स्व तंत्र
48.एकात्म विज्ञान
49.मानक विज्ञान
50.पूर्ण ज्ञान
51.कर्म ज्ञान    
52.जय ज्ञान-जय कर्म ज्ञान
53. विष्व-उपासना
54.विष्व-योग
55.विष्व-मानक
56. विष्व-राश्ट्र-जन एजेण्डा
57.विष्व-ध्यान
58.विष्व-समर्पण
59. विष्व-लीला
60.विष्व-आत्मा
61.विष्व-समन्वयाचार्य          
62. विष्व-दर्पण
63.विष्व-मन
64.विष्व-षिक्षा
65.विष्व-रूप
66. विष्वमानव - विष्वमन से युक्त    
67.विष्व-बुद्धि
68.विष्व-चेतना
69. विष्व-प्रकाष
70.विष्व-दृश्टि
71.विष्व-मार्ग
72. विष्व-राजनीति
73. विष्व एकता
74.विष्व षान्ति
75.विष्व सेवा
76.विष्व महायज्ञः सार्वजनिक प्रमाणित दृष्य              
77.विष्व-बन्धुत्व
78.विष्व जातिवाद
79. विष्व अहंकार
80.सत्य-भारत
81.सत्य-उपासना
82.सत्य-योग
83.सत्य-ध्यान
84.सत्य-मानक
85.सत्य-राश्ट्र-जन एजेण्डा
86. सत्य-ध्यान
87.सत्य-समर्पण
88.सत्य-लीला
89.सत्य-आत्मा
90. सत्य-समन्वयाचार्य
91.सत्य-दर्पण
92.सत्य-मन
93.सत्य-षिक्षा
94. सत्य-रूप  
95.सत्य-मानवःसत्य-मन से युक्त
96. सत्य-बुद्धि
97. सत्य-चेतना
98.सत्य-प्रकाष
99.सत्य-दृश्टि
100.सत्य-मार्ग
101. सत्य-राजनीति
102.सत्य एकता
103.सत्य षान्ति
104.सत्य सेवा
105.सत्य महायज्ञःसार्वजनिक प्रमाणित दृष्य
106.सत्य-बन्धुत्व
107. सत्य जातिवाद
108.सत्य अहंकार
109.स्वर्णयुग का प्रथम मानव
110. मात्र यही हूँ-मानो या ना मानो
111.पाँचवा और अन्तिम सूर्य  
112. चक्रान्त - चक्र का अन्त
113.दिव्य-दृश्टि
114.दिव्य-रूप
115. दृष्य-योग
116.दृष्य-ध्यान
117.ज्ञान बम
118.आध्यात्मिक न्यूट्रान बम
119. सार्वभौम सत्य-सिद्धान्त
120.मानक एवं मन का विष्व मानक और पूर्ण वैष्विक मानव निर्माण की तकनीकी
121.मन का ब्रह्माण्डीयकरण
122. सार्वभौम दर्पण- व्यक्ति से ब्रह्माण्ड तक
123.सम्पूर्ण क्रान्ति-प्रथम, अन्तिम और सर्वोच्च क्रान्ति
124. सामाजिक अभियंत्रण (सोषल इंजिनीयरींग)
125.सन् 2012ःपाँचवें और अन्तिम स्वर्ण युग का आरम्भ वर्श
126.आध्यात्मिक ब्लैक होल
127.तख्तापलट
128.एक आवाज, मधुषाला से
129.आॅकड़ा (डाटा)
130.मंथन रत्न
131.काला किताब
132.पूर्ण सकारात्मक विचार
133.विष्व संविधान का आधार
134. एक अलग यात्रा
135.समभोगःएकात्म भाव से भोग
136.सर्वजन हिताय - सर्वजन सुखाय
137.वसुधैव कुटुम्बकम्
138.सर्वेभवन्तु सुखिनः
139.अगीतांजलि
140.सत्य षास्त्र

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